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भोपाल में कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा मामले में उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

भोपाल में कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के उपयोग को लेकर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा और कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल ने निष्पक्ष जांच, ट्रस्ट की वर्तमान समिति को भंग करने, भूमि खरीद की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

By: Nivedita 
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भोपाल में कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा मामले में उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के उपयोग को लेकर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेताओं ने चंदे के उपयोग में कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

पी.सी. शर्मा और विक्रम मस्ताल ने रखी पार्टी की बात

प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा और कांग्रेस प्रदेश सचिव एवं अभिनेता विक्रम मस्ताल ने कहा कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस ने रखीं कई प्रमुख मांगें

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की वर्तमान समिति को भंग किया जाए। साथ ही पूरे मामले की जांच सेना को सौंपी जाए, वर्ष 2019 से 2025 के बीच अयोध्या और आसपास हुई भूमि खरीद की जांच कराई जाए तथा यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

जांच के दायरे को लेकर भी उठाए सवाल

कांग्रेस का आरोप है कि अब तक की जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रही है, जबकि वरिष्ठ पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। पार्टी का कहना है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और किसी जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि होना अभी बाकी है।

 

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