भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर एक याचिका को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। याचिका में मांग की गई है कि देश में किसी भी व्यक्ति को केवल एक बार ही प्रधानमंत्री बनने की अनुमति दी जाए। मामले पर हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार से 3 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
हाईकोर्ट द्वारा याचिका पर संज्ञान लेने के बाद केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है और निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले को लेकर अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता और अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कहा कि यह पूरी तरह न्यायालयीन प्रक्रिया का हिस्सा है और अदालत जो भी निर्णय लेगी, उसका सम्मान किया जाएगा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भारत का संविधान विश्व के सबसे मजबूत संविधानों में से एक है और देश की सभी संस्थाएं अपने-अपने दायरे में कार्य करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार तय समय पर अदालत में अपना पक्ष रखेगी।
भाजपा ने कहा कि पार्टी हमेशा से न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान करती आई है और आगे भी अदालत के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर अब कानूनी प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।