किसानों का दर्द सुनते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तत्काल सर्वे का कार्य शुरू करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि "एक भी प्रभावित किसान सर्वे से छूटना नहीं चाहिए।
किसानों का दर्द सुनते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तत्काल सर्वे का कार्य शुरू करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि "एक भी प्रभावित किसान सर्वे से छूटना नहीं चाहिए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह सिसोदिया और ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह राजपूत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फसल कटकर तैयार है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी की रफ्तार बेहद सुस्त है।
एक रुपए लीटर में शुद्ध आरओ फिल्टर पानी घर-घर पहुंचाएगी नगर पालिका, एटीएम की तर्ज पर मिलेगी प्री पेड सुविधाएं
मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया गया है, जो कथित रूप से दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से जुड़ा है।
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है 2047 तक भारत को विकसित होना है तो भारत के वैज्ञानिक ताकत को और बढ़ाना होगा।
नरोत्तम मिश्रा पर पेड न्यूज का मामला इसी विधानसभा का है। अब तक कोई निर्णय नहीं किया निर्मला सप्रे पर विधानसभा ने कोई निर्णय नहीं लिया। बीजेपी अलोकतांत्रिक का कैंसर बन गई है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विद्वानों के साथ हम सब मिलकर विशेषताओं के साथ खासकर काल गणना के आधार पर भारतीय जीवन पद्धति, हमारी सभी ऋतुओं और त्योहार के साथ जीवन की अद्भुत शैली अपनाती है।
उज्जैन सदियों से समय गणना और खगोल विज्ञान का केंद्र रहा है, अब एक बार फिर वैश्विक मेरिडियन के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। सम्मेलन का आयोजन उज्जैन के समीप डोंगला में हुआ जहां से कर्क रेखा गुजरती है।
कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उइके सीधे धतूरा किसान के खेत में पहुंची। जहां अन्य गांव के किसान भी मौजूद थे। सभी ने अपनी पीड़ा मंत्री को बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार और मध्यप्रदेश शासन के प्रयासों से पार्थिव शरीर को कनाडा से भारत लाया जा सका।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं और पैकेट का आकार घटाकर “कम मात्रा, अधिक कीमत” का मॉडल अपना रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश के कृषि मंत्री के अपने ही गृह राज्य में किसान एक अदद बोरे के लिए तरस रहे हैं! संसद में "जनसंपर्क अधिकारी" की तरह केंद्र सरकार की झूठी प्रशंसा कर राष्ट्रीय आलोचना का केंद्र बने केंद्रीय कृषि मंत्री अपने मूल दायित्व को भूल चुके हैं!
3 से 5 अप्रैल तक डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम परिसर में होगा आयोजन। कार्यक्रम में व्याख्यान, टेक्नोलॉजी एक्सपो और स्टार्ट-अप कॉन्फ्रेंस होंगे प्रमुख आकर्षण