भिखारियों पर पाबंदी लगाने वाली याचिका मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया है। और साफ शब्दों में कहा है कि भीख मांगना सामाजिक और आर्थिक समस्या है। रोजगार और शिक्षा के अभाव में कुछ लोग अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भीख मांगने पर मजबूर हैं।
