मथुरा : रक्षाबंधन आने में सिर्फ दो दिन बचे है। उससे पहले ही सभी बहनें अपने भाईयों के लिए राखी और अन्य सामानों की खरीददारी कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ वृंदावन के आश्रमों में रहने वाली विधवा महिलाएं इस साल रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी भेजेंगी। पिछले साल कुछ महिलाएं राखी बांधने के लिए प्रधानमंत्री आवास भी गई थीं। लेकिन इस बार कोरोना की वजह से वे प्रधानमंत्री को अपने हाथों से राखी नहीं बांध पाएंगी। इसलिए शनिवार को उनकी बनाई राखियां प्रधानमंत्री कार्यालय भेजी जाएंगी।

आपको बता दें कि वृंदावन के सागरभग्नि आश्रम में रहने वाली महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी की फोटो के साथ रेशम के धागों से 501 खास राखियां तैयार की हैं। उन्होंने वृंदावन थीम वाले फेस मास्क भी बनाए हैं। राखियां तैयार करने के लिए 50 महिलाओं ने 10-10 के ग्रुप में 5 दिन तक काम किया।
प्रधानमंत्री को राखी न बांध पाने से निराशा
सुलभ इंटरनेशनल की उपाध्यक्ष विनीता वर्मा ने बताया कि कुछ राखियों में प्रधानमंत्री का मास्क वाला फोटो लगाया गया है। असम की रहने वाली 76 साल की छवि दासी और छत्तीसगढ़ की ऊषा 2019 तक प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को राखी बांधती थीं।

दो साल से कोरोना के कारण उन्हें राखी भेज रही हैं। प्रधानमंत्री को राखी न बांध पाने के करण महिलाएं थोड़ी निराश हैं। हालांकि, वे इस बात से खुश हैं कि प्रधानमंत्री को उनकी बनाई राखियां और मास्क भेजे जा रहे हैं।
हर साल स्कूली बच्चों से राखी बंधवाते हैं पीएम मोदी
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी हर साल रक्षाबंधन के मौके पर प्रधानमंत्री कार्यालय में स्कूली बच्चों से राखी बंधवाकर यह त्योहार मनाते हैं। पिछले साल उन्होंने वृंदावन की विधवा महिलाओं के अलावा 103 साल की बुजुर्ग महिला से भी राखी बंधवाई थी।