संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर सियासत गर्मा गई है. बीजेपी नेता औरउत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने विधानभवन के सामने सपा और कांग्रेस का झंडा जलाकर विरोध प्रदर्शन किया, और कहा कि देश की महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी.
सपा और कांग्रेस पर अपर्णा यादव का ताबड़तोड़ हमला
लोकसभा में महिला आरक्षण परिसीमन बिल पास ना होने पर बीजेपी नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर-रात को विधानसभा के सामने सपा और कांग्रेस का झंडा जलाकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया. साथ ही विपक्षी दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये केवल अपने परिवारवाद को आगे बढ़ाने में लगे रहते है और कभी नही चाहते कि आम घर की महिलाएं आगे बढ़कर संसद तक पहुंचे. औरतों के अधिकारों का विरोध करने वालों को नारी शक्ति कभी माफ नही करेंगी क्योंकि उनकी वजह से कई महिलाओं के सपने टूटे है.अपर्णा यादव ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है जब महिला आरक्षण परिसीमन बिल को पास नही किया इससे पहले भी साल 1996, 1998 और 2003 में महिला आरक्षण से जुड़े प्रयासों को रोका गया था और अब 2026 में फिर वही स्थिति देखने को मिली है.
क्यों नहीं पास हो सका बिल?
संविधान संशोधन बिल को पास करने के लिए सदन में मौजूद सदस्यों के दौरान इस बिल के पक्ष में वोटिंग कराई गई जिसमें 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया. बता दें कि विधेयक पारित कराने के लिए 352 वोट की जरुरत थी, लेकिन पक्ष में 54 वोट कम निकले जिस वजह से बिल पारित नहीं हो सका.
अपर्णा ने की पीएम मोदी की तारीफ
अपर्णा यादव ने PM मोदी की सराहना करते हुए कहा की उन्होंने महिला आरक्षण परिसीमन बिल को पास करने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन वोट कम होने के कारण हुआ नही.
बाकी विधेयकों का क्या हुआ?
बता दें कि, इस बिल के साथ दो अन्य विधेयक जुड़े थे परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक. इनमें से एक विधेयक दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में महिला आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी था. लेकिन मुख्य संविधान संशोधन बिल के पास न होने के कारण सरकार ने इन दोनों विधेयकों को भी आगे नहीं बढ़ाया.
विपक्ष ने गंवा दिया बड़ा मौका
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजजू ने कही कि यह एक ऐतिहासिक पल था जो गवाह दिया और यह भी कहा की मोदी के नेतृत्व में महीलाओं के अधिकार देने का अभियान जारी रहेगा और हम देकर रहेंगे.