MP News : पन्ना नगर के पुरुषोत्तमपुर क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर के कारण क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मोहल्ले के 100 से अधिक परिवार केवल एक बोरवेल पर निर्भर हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार भूजल स्तर लगातार नीचे जाने से बोरवेल की जल क्षमता काफी कम हो गई है। बोरवेल से केवल लगभग 10 मिनट तक ही पानी निकलता है और इस दौरान मात्र 10 से 12 डिब्बे पानी ही भर पाते हैं। इसके बाद बोरवेल को करीब एक घंटे तक बंद रखना पड़ता है, ताकि उसमें दोबारा पानी का स्तर बन सके। इस कारण लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
पानी की कमी के चलते सुबह से लेकर देर रात तक बोरवेल के पास डिब्बों और बर्तनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। कई परिवारों के सदस्य अपनी बारी आने का इंतजार करते हुए रात एक बजे तक लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई लोगों को एक किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर अन्य स्थानों से पानी लाना पड़ रहा है।

क्षेत्र के कई घरों में नल कनेक्शन भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे समस्या और बढ़ गई है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की व्यवस्था करने में उनका अधिकांश समय व्यतीत हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी भरने को लेकर कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है, क्योंकि उपलब्ध पानी सभी की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि उनकी समस्या को लेकर कोई जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र का दौरा नहीं कर रहा है और न ही स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
वहीं वार्ड पार्षद ओप्पो मजूमदार ने कहा कि पेयजल संकट को लेकर नगर पालिका अधिकारियों और अध्यक्ष से चर्चा की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके।
पन्ना से राजेश रावत की रिपोर्ट