बुरहानपुर: ताप्ती मिल बुरहानपुर के सुरक्षाकर्मियों का लंबे समय से लंबित वेतन नहीं मिलने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे सुरक्षा कर्मियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनका 12 माह का बकाया वेतन जल्द जारी नहीं किया गया तो वे हड़ताल, भूख हड़ताल, चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्होंने अपने काम के बदले वेतन की मांग को लेकर मिल प्रबंधन को कई बार लिखित आवेदन और स्मरण पत्र दिए, लेकिन आज तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि वे रोजाना पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मेहनत की कमाई से वंचित रखा गया है।
सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है, घर में राशन खत्म होने की स्थिति है, बिजली के बिल नहीं भर पाने से कनेक्शन काटे जा रहे हैं और परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
सुरक्षाकर्मी दिनेश भार्गव ने मिल प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “हमारा विरोध केवल प्रबंधन के खिलाफ है। अधिकारी एसी केबिन में बैठकर आराम कर रहे हैं और हमें भूखे मरने के लिए छोड़ दिया गया है। अब हमारा धैर्य जवाब दे चुका है।”
वहीं संतोष लहाने ने कहा कि वे अपनी समस्याओं को लेकर विधायक, सांसद, कलेक्टर और श्रम अधिकारी सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
सुरक्षाकर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी मिल प्रबंधन की होगी।
सुरक्षाकर्मियों की प्रमुख मांगें12 माह का बकाया वेतन तत्काल जारी किया जाए।नियमित रूप से प्रत्येक माह समय पर वेतन का भुगतान किया जाए।श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रशासन इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाए।