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नर्मदापुरम में पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहल, एक दिन में बिखेरी गईं 2 लाख से अधिक सीड बॉल

नर्मदापुरम जिले में "नवांकुर अभियान" के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए एक साथ 2 लाख से अधिक सीड बॉल बिखेरी गईं। प्रशासन के अनुसार यह प्रदेश का सबसे बड़ा सीड बॉल अभियान है। स्थानीय प्रजातियों के बीजों से तैयार इन सीड बॉल को बारिश के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में फैलाया गया, जिससे भविष्य में हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

By: Nivedita 
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नर्मदापुरम में पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहल, एक दिन में बिखेरी गईं 2 लाख से अधिक सीड बॉल

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर “नवांकुर अभियान” चलाया गया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ 2 लाख से अधिक सीड बॉल बिखेरी गईं। प्रशासन का दावा है कि इतने बड़े पैमाने पर सीड बॉल अभियान चलाने वाला नर्मदापुरम प्रदेश का पहला जिला बन गया है।

बारिश के बीच किया गया सीड बॉल वितरण

मानसून के अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए जिले के अलग-अलग इलाकों में सीड बॉल जमीन पर डाली गईं। इन सीड बॉल में स्थानीय प्रजातियों के बीज, मिट्टी और जैविक खाद का मिश्रण शामिल है। बारिश के बाद अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर ये बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले सकते हैं, जिससे हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी।

स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण पर विशेष जोर

प्रशासन ने इस अभियान के लिए स्थानीय जलवायु के अनुरूप पौधों के बीजों का चयन किया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की जैव विविधता को बढ़ावा देना और प्राकृतिक वनस्पतियों का संरक्षण करना है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, सीड बॉल तकनीक कम लागत में अधिक पौधारोपण का प्रभावी माध्यम मानी जाती है।

 

अधिकारियों, बच्चों और ग्रामीणों ने लिया हिस्सा

हासलपुर में आयोजित कार्यक्रम में संभाग आयुक्त श्रीकांत बनोठ और कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बच्चों और ग्रामीणों के साथ मिलकर सीड बॉल डालकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण के प्रति जागरूक भी किया गया।

हरियाली बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

प्रशासन का मानना है कि यदि सीड बॉल का अच्छा अंकुरण होता है तो आने वाले समय में जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में इस अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

 

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