मध्य प्रदेश के कटनी जिले के कन्हवारा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पीछे कथित अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के पीछे स्थित पहाड़ी से रात के अंधेरे में आयरन ओर (काले पत्थर) का अवैध खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस गतिविधि से न केवल धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है, बल्कि मंदिर परिसर, तालाब और आसपास के पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उत्खनन का काम मशीनों के बजाय मजदूरों के माध्यम से कराया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की आवाज न हो और प्रशासन या अन्य लोगों को इसकी जानकारी न लगे। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में मंदिर के पीछे की पहाड़ी को काफी हद तक खोदा हुआ देखा जा सकता है। वहीं एक अन्य तस्वीर में काले और लाल रंग के पत्थरों का ढेर भी दिखाई दे रहा है, जिससे कथित अवैध खनन की आशंका और गहरी हो गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करते-करते वे हताश हो चुके हैं और अब उन्हें ऐसा लगने लगा है कि भगवान शिव ही अपने दरबार की रक्षा करेंगे।
मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं ग्राम पंचायत सचिव नरेश पटेल ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है और वे इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी से भी संपर्क का प्रयास जारी है। उनका पक्ष सामने आने के बाद उसे भी सार्वजनिक किए जाने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कथित अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो मंदिर की संरचना, तालाब और आसपास का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मंदिर परिसर को सुरक्षित रखने की मांग की है।