यह पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों को सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को घर-घर पहुंचाने के लिए की गई है।
यह पारंपरिक बुनकरों और कारीगरों को सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को घर-घर पहुंचाने के लिए की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 6 अप्रैल का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए अत्यंत महत्व का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सामने ताकत से खड़ा है। और भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनकर जन कल्याणकारी कामों को लेकर आगे बढ़ रही है।
पार्टी के नेताओं ने ग्वालियर में भाजपा कार्यालय के इस भूमि पूजन के साथ संगठन को और मजबूती मिलने की उम्मीद जाहिर की।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस प्रकार से सभी प्रकार के आतंकवादी सहित हर प्रकार के खतरे को भांप कर उससे निपटने का प्रशिक्षण हमारे सशस्त्रबलों ने जो दिखाया वाकई में वह अद्भुत था।
मुख्यमंत्री का डीजीपी कैलाश मकवाना ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।
उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ होगी।
काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित हुई विश्व की प्रथम 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी'। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' भेंट की थी।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा पेशे से वकील थे और इंदौर से विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा अध्यक्ष बने तथा अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए।
समर्थन मूल्य पर गेंहूं खरीदी की तैयारी पूरी, इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी।
इंस टेक्नालॉजी डिपार्टमेंट और देशभर से आए विद्वानों और वैज्ञानिकों के साथ हमारी सरकार के द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मैं सरकार की तरफ से शुभकामना देता हूं।
पूर्व सीएम ने 25–30 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए सेवा के अंतिम चरण में इस प्रकार की परीक्षा अनिवार्यता को अनुचित बताया। इस आदेश के बाद से स्कूल शिक्षा विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग के दो लाख से अधिक शिक्षकों में गहरी चिंता व्याप्त है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जब एयरपोर्ट की ओर जा रहा था, तभी वे मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर अचानक रुक गए। यहां उन्होंने बनारस की मशहूर कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया।