भोपालः मोहन यादव ने महिला आरक्षण बिल और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और देशभर की जनता इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं के साथ अत्याचार और अपमान की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बेहद गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने इसे केवल सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारी का विषय भी बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पत्र का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि सभी दलों को साथ लेकर चलने की अपील की गई थी, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते अपना रुख बदल लिया। उन्होंने विपक्ष को “पलटूराम” बताते हुए कहा कि 2023 के चुनाव के दौरान जो दल साथ खड़े थे, वही अब विरोध कर रहे हैं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के सम्मान जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति की जा रही है और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीएम ने दक्षिण भारत का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वहां भी भारतीय जनता पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा—“सोए हुए को जगाया जा सकता है, लेकिन जो जानबूझकर आंखें बंद कर ले, उसे नहीं जगाया जा सकता।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 2014 से पहले महिला आरक्षण बिल को लेकर गंभीर पहल क्यों नहीं की गई। साथ ही कहा कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़ी हैं और अंतिम फैसला जनता की अदालत में होगा। मुख्यमंत्री ने आगे की रणनीति बताते हुए कहा कि प्रदेशभर में “आक्रोश यात्रा” निकाली जाएगी, जो नगर निगम और नगर पंचायत स्तर तक पहुंचेगी। इसके अलावा इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा के लिए विधानसभा सत्र बुलाने की भी घोषणा की गई।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में 10 से अधिक जिलों में महिला अधिकारी महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। कुल मिलाकर, महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रदेश और देश की राजनीति में माहौल गरमा गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं।
भोपाल से संवाददाता सुनील मालवीय की रिपोर्ट