सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस देश से गायब हो रही है और उनके साथ जो जो दल गए है उनका भी सुपड़ा साफ हो रहा है जैसे डूबती नाव में जो बैठता है उसका अंत क्या होता है। जिसकी जैसी करनी वैसी भरनी
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस देश से गायब हो रही है और उनके साथ जो जो दल गए है उनका भी सुपड़ा साफ हो रहा है जैसे डूबती नाव में जो बैठता है उसका अंत क्या होता है। जिसकी जैसी करनी वैसी भरनी
प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद जिनके माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार को पिछली बार से भी कई गुना ज्यादा खरीदी का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। कठिन समय में वैश्विक परिस्थितियां कैसी हैं, दुनिया भर में निर्यात प्रभावित हो रहा है। फिर भी हम किसानों के साथ हैं, किसानों का माल खरीद रहे हैं।
ख्यमंत्री ने कहा कि मैं खुद मैदान में उतरा हूँ, सारे मंत्रियों से, अधिकारियों से कहा है कि जहां भी जैसी व्यवस्था चल रही है, उसमें किसानों को कठिनाई नहीं पड़े, यह हमारा प्रयास होना चाहिए। हम प्रत्येक किसान से अपेक्षा कर रहे हैं कि पहले वह तौल कांटे पर जाए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 16 विभागों के बीच यह कृषक कल्याण वर्ष के दरम्यान यह कार्यशाला का अनूठा आयोजन हमारी उस समेकित रूप से एक साथ एक नया प्रयोग किया है।
प्रभावित परिवारों को सहायता राशि देने के निर्देश, प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख व्यक्त किया, सहायता राशि स्वीकृत की।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नक्षत्रों की गणना सिंहस्थ के हिसाब से देखा जाएगा। प्रत्येक 12 साल में बृहस्पति जब सिंह राशि में प्रवेश करता है। सूर्य ग्रहण कब होगा, चंद्र ग्रहण कब होगा। उसको अलग से कोई हिसाब लगाने की जरूरत नहीं। यह प्राचीन ज्ञान अपना विज्ञान आधारित वैदिक घड़ी की कल्पना और उसका साकार रूप देने का काम आज के युवा ने किया।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि निर्धन, वृद्धजन, परित्यक्ता महिला, अविवाहिता, दिव्यांगजन, सभी सेक्टर को जोड़कर यह जो कल्पना की है काफी अच्छा है। खासकर मानसिक और बहुविकलांग हितग्राहियों को भी 600 रुपए देने का जो निर्णय किया है मैं प्रदेश के सभी भाई बहनों को बधाई देता हूं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उनके पूरे संघर्ष पर रिसर्च कराने का काम मध्यप्रदेश सरकार की ओर से कराया जाएगा। उनके जीवन के प्रत्येक घटनाक्रम को लिपिवद्ध करते हुए और शिक्षा विभाग के माध्यम से पाठ्यक्रम का भी हिस्सा बनाया जाएगा।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के लिए आज का यह ऐतिहासिक दिन है। 150 साल के बाद मध्यप्रदेश की धरती पर कान्हा टाइगर अभयरण्य में एक बार फिर जंगली भैंसा रखे गए हैं। हमारी अपनी धरती पर हमारे गए मेहमान की शुभ आगमन है।