नई दिल्ली : पांच राज्यों के चुनाव में नाममात्र के सीट मिलने के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चर्चा की गई। इस दौरान जहां चुनाव के नतीजों और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई। वहीं कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर हमला किया और कोरोना संक्रमण का जिम्मेदार ठहराया। सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने अपनी जिम्मेदारी को बीच में छोड़ दिया है और वैक्सीन की जिम्मेदारी राज्यों पर डाल दी है। उन्होंने ये भी कहा कि केंद्र सरकार को सभी लोगों को नि:शुल्क वैक्सीन लगवानी चाहिए।
सोनिया गांधी ने कहा कि अप्रैल से लेकर अब तक कोविड-19 का रूप और भयावह हो चुका है। वहीं केंद्र की विफलताएं अब लोगों को साफ तौर पर नजर आ रही हैं। मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि केंद्र ने जानबूझ कर वैज्ञानिक सलाह की अनदेखी की है। इसी वजह से आज देश महामारी की चपेट में आने से भारी कीमत चुका रहा है। बैठक के दौरान सोनिया गांधी ने विदेशों से भारत भेजी गई मदद की प्रशंसा की है। सोनिया गांधी ने कहा है कि ‘कांग्रेस की ओर से मैं सभी देशों और संस्थानों का धन्यवाद देना चाहती हूं जो विभिन्न तरीकों से हमारी मदद कर रहे हैं’।
The meeting of the Congress Working Committee (CWC) begins
Interim Pres Sonia Gandhi says that the Modi govt has abdicated its responsibility and left vaccination to States. It would have been financially more equitable for the Centre to provide free vaccine to all, she adds. pic.twitter.com/4GGv2xi40O
— ANI (@ANI) May 10, 2021
चुनाव में मिली हार के चलते बुलाई अहम बैठक
सोनिया गांधी ने बैठक में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर कहा कि हम सब कोविड के संकट से परेशान हैं, लेकिन ये बैठक चुनाव परिणामों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव में मिली हार से वो निराश हैं, इसलिए अब केरल और बंगाल में मिली हार से सबक लेने का समय आ गया है।
सोनिया गांधी ने कहा कि जब 22 जनवरी को उन्होंने बैठक की थी, तब कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पर जून के अंत तक फैसला लेने की बात हुई थी। इसलिए चुनाव प्राधिकरण की अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने शेड्यूल तैयार कर लिया है, जिसको वेणुगोपाल ने पढ़ा है। अब रहीं बात कांग्रेस की, तो आपको बता दें कि कांग्रेस पूरी तरह से दो भागों में बंट चुका है, जिससे निकलने के लिए कांग्रेस को जल्द ही गांधी परिवार से अलग हटकर किसी अन्य कार्यकर्ता को अपना अध्यक्ष चुनना होगा।