राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले दो महीने से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टार (एनआरसी) के खिलाफ लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की कई सड़के बंद कर दी गई है जिसकी वजह से लोगों को बहुत सी समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है। वहीं रविवार को बंद सड़कें खोलने की मांग को लेकर सरिता विहार और जसोला विहार में रहने वाले लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि, देश हर नागरिक का अधिकार है कि वह अपने हक के लिए आंदोलन कर सकता है। लेकिन सब लोग सड़क बंद कर करके बैठ जाए तो ऐसे कैसे चलेगा। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील संजय हेगडे और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शकारियों से बात करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। कोर्ट के वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि, शाहीन बाग में माताओं से, बहनों से, नागरिकों से मिले और उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा।

बता दें कि, 20 फरवरी को वार्ताकार संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए शाहीन बाग पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया को हटाकर बात करने की शर्त रखी गई। प्रदर्शनकारियं से बातचीत करते हुए साधना रामचंद्रन ने कहा कि, सीएए, एनआरसी का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने है, वो कोर्ट का मुद्दा है, उस पर सुनवाई होगी। उस पर हम बात नहीं करेंगे। हम मानते हैं कि अगर आपके जौसी बेटियां और महिलाएं हैं तो देश सुरक्षित है।