नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आपको बता दें कि सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में जैश का टॉप कमांडर सज्जाद अफगानी मारा गया है, जिसका असली नाम विलायत है। सज्जाद के बारे में जो जानकारी सामने आयी है उसके मुताबिक वो घाटी का स्थानीय नागरिक है और कई सालों से सक्रिय था। साल 2008 में पहली बार उसका नाम आतंकी गतिविधियों में सामने आया था। इसके बाद साल 2015 में उसका नाम प्रमुखता से सामने आया और सक्रिय आतंकवाद की घटनाओं में शामिल रहा। शुरुआत में लश्कर के साथ रहा लेकिन फिर बाद में जैश ए मोहम्मद के साथ जुड़ गया.
इसीलिए ऐसा माना जा रहा है कि सज्जाद का संपर्क दोनों आतंकी संगठन के टॉप कमांडर के साथ था। घाटी में इस तरह दोनों आतंकी संगठनों की मौजूदगी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि यह किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक देने के लिए मीटिंग करने वाले थे। बता दें कि कल भी लोकल कश्मीरी आतंकी जहांगीर को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था। जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने दोनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षाबलों को बधाई दी और उनका हौसला बढ़ाया।
बता दें कि शोपियां में पिछले तीन दिनों से मुठभेड़ जारी है। यहां रावलपुरा इलाके में दो से तीन आतंकी छिपे होने की खबर है। शनिवार को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। शनिवार को रात होने के चलते ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। रविवार सुबह एक आतंकी ने मकान से निकल कर बाहर जाने की कोशिश की, जवाबी कार्रवाई में मारा गया। इस आतंकी की पहचान बाद में जहांगीर के तौर पर हुई थी। इस कामयाबी के बीच हैरानी की बात यह है कि घाटी में अभी जैश और लश्कर के आतंकी मौजूद हैं। फिलहाल सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन जारी रखा है।