नीमचः मनासा नगर के गांधी चौक स्थित ऐतिहासिक नगर नायक बद्रीविशाल मंदिर में गुरुवार को नरसिंह जयंती का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान नरसिंह के प्राकट्य की अद्भुत लीला का सजीव मंचन किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

गोधूली बेला में जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान नरसिंह ने खंभा फाड़कर प्रकट होकर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की और अत्याचारी हिरण्यकश्यप का वध किया। इस रोमांचक और आस्था से परिपूर्ण दृश्य को देखने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। जैसे ही भगवान नरसिंह का प्राकट्य हुआ, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जो इस आयोजन को नगर की पहचान बना चुके हैं।
मान्यता के अनुसार, यदि भगवान नरसिंह का उग्र स्वरूप मंदिर की सीढ़ियों से नीचे उतर जाता है, तो उसे अशुभ संकेत माना जाता है। ऐसे में विशेष पूजा कर भगवान को शांत किया जाता है। इस आस्था के चलते आयोजन के दौरान विशेष सावधानियां भी रखी जाती हैं।
वध लीला के पश्चात भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। अंत में प्रसाद वितरण किया गया और पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि नगर की सांस्कृतिक परंपरा और एकजुटता को भी दर्शाता है।
नीमच से संवाददाता मनीष जोलानिया की रिपोर्ट