नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात को कई तोहफा दिया। एक तरफ जहां उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के सोमनाथ में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यहां पार्वती माता मंदिर का भी शिलान्यास किया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुख्यमंत्री विजय रुपाणी में मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भले ही वह वर्चुअली माध्यम से जुड़े हैं, लेकिन मन से सोमनाथ भगवान के चरणों में ही हैं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर में किसी को सिर्फ एक मंदिर नहीं दिखता है, बल्कि ऐसा अस्तित्व है जो मानवता के मूल्यों की घोषणा करता है। पीएम मोदी ने कहा कि आस्था को आतंक से नहीं कुचला जा सकता है, मंदिर को सैकड़ों सालों के इतिहास को कई बार तोड़ा गया और मूर्तियों को खंडित किया गया। इसका अस्तित्व मिटाने की कोशिश की गई, ये मंदिर जितनी बार गिराया गया उतनी ही बार खड़ा हुआ है।
जो तोड़ने वाली शक्तियाँ हैं, जो आतंक के बलबूते साम्राज्य खड़ा करने वाली सोच है, वो किसी कालखंड में कुछ समय के लिए भले हावी हो जाएं लेकिन, उसका अस्तित्व कभी स्थायी नहीं होता, वो ज्यादा दिनों तक मानवता को दबाकर नहीं रख सकती: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) August 20, 2021
पीएम मोदी ने कहा कि आतंक के बलबूते साम्राज्य खड़ा करने वाली शक्तियां कुछ समय के लिए भले ही खड़े हो जाएं लेकिन उनका अस्तित्व स्थायी नहीं हो सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि राम मंदिर के रूप में नए भारत के गौरव का स्तंभ खड़ा हो रहा है। पीएम ने कहा कि हमारी सोच होनी चाहिए इतिहास से सीखकर वर्तमान को सुधारने की, एक नया भविष्य बनाने की। इसलिए, जब मैं ‘भारत जोड़ो आंदोलन’ की बात करता हूं तो उसका भाव केवल भौगोलिक या वैचारिक जुड़ाव तक सीमित नहीं है। ये भविष्य के भारत के निर्माण के लिए हमें हमारे अतीत से जोड़ने का भी संकल्प है।
सरदार पटेल ने इस मंदिर को फिर से बनाया
पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने इस मंदिर को फिर से बनाने का फैसला किया था, आज आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान हम इस मंदिर नया रूप दे रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पर्यटन से कैसे विकास तेज होता है, गुजरात ने इसका उदाहरण देखा है। पर्यटन के दम पर लोकल अर्थव्यवस्था मजबूत होता है। सोमनाथ मंदिर पर अब अलग-अलग प्रोजेक्ट आने से पर्यटकों को सुविधाएं मिल सकेंगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, ‘’मेरा सौभाग्य है कि सोमनाथ मंदिर ट्रेस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे इस पुण्य स्थान की सेवा का अवसर मिलता रहा है। आज फिर हम सब इस पवित्र तीर्थ के कायाकल्प के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि, ‘’आज मुझे समुद्र दर्शन पथ, सोमनाथ प्रदर्शन गैलरी और जीर्णोद्धार के बाद नए स्वरूप में जूना सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण का सौभाग्य मिला है।’’
पीएम मोदी ने कहा कि, ‘’आज मैं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को भी प्रणाम करता हूं, जिन्होंने विश्वनाथ से लेकर सोमनाथ तक, कितने ही मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया। प्राचीनता और आधुनिकता का जो संगम उनके जीवन में था, आज देश उसे अपना आदर्श मानकर आगे बढ़ रहा है।’’
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया है, उनमें सोमनाथ सैरगाह, सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र और पुराने (जूना) सोमनाथ का पुनर्निर्मित मंदिर परिसर शामिल हैं।
47 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हुआ सोमनाथ सैरगाह
सोमनाथ सैरगाह को ‘प्रसाद (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, धरोहर संवर्धन अभियान) योजना’ के तहत 47 करोड़ रुपये से भी अधिक की कुल लागत से विकसित किया गया है। ‘पर्यटक सुविधा केंद्र’ के परिसर में विकसित सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र में पुराने सोमनाथ मंदिर के खंडित हिस्सों और पुराने सोमनाथ की नागर शैली की मंदिर वास्तुकला वाली मूर्तियों को दर्शाया जाता है।
पुराने (जूना) सोमनाथ के पुनर्निर्मित मंदिर परिसर को श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा 3.5 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ पूरा किया गया है। इस मंदिर को ‘अहिल्याबाई मंदिर’ के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसे इंदौर की रानी अहिल्याबाई द्वारा तब बनाया गया था, जब उन्होंने पाया कि पुराना मंदिर खंडहर में तब्दील हो गया है।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ बढ़ेगी मंदिर की क्षमता
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए संपूर्ण पुराने मंदिर परिसर का समग्र रूप से पुनर्विकास किया गया है। श्री पार्वती मंदिर का निर्माण 30 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय से किया जाना प्रस्तावित है। इसमें सोमपुरा सलात शैली में मंदिर का निर्माण, गर्भ गृह और नृत्य मंडप का विकास करना शामिल होगा।