कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनाव चोरी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव वास्तविक चुनाव नहीं थे, बल्कि बड़े पैमाने पर धांधली और वोट चोरी की गई। राहुल गांधी ने यह आरोप अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस बात के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं।
‘चुनाव आयोग और भाजपा में मिलीभगत’ का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनके आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनका कहना है कि भाजपा लगातार चुनाव आयोग का बचाव कर रही है, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए तथ्यात्मक आरोपों को गलत नहीं बताया गया है। राहुल गांधी के अनुसार, हरियाणा चुनाव में मतदाता सूची में करीब 25 लाख फर्जी प्रविष्टियाँ थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस धांधली के माध्यम से भाजपा को सत्ता में बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग और पार्टी के बीच मिलीभगत हुई।
‘चुनाव चोरी कर प्रधानमंत्री बने मोदी’
राहुल गांधी ने दावा किया, “हम भारत के युवाओं को दिखाएंगे कि नरेंद्र मोदी चुनाव चोरी कर प्रधानमंत्री बने हैं। हमारे पास पर्याप्त सामग्री है और हम इसे चरणबद्ध तरीके से सार्वजनिक करेंगे।” उन्होंने कहा कि यह मामला केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार में भी इस तरह की प्रक्रियाएँ अपनाई गई हैं।
‘एक व्यक्ति, कई वोट संविधान पर हमला’
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के संविधान में एक व्यक्ति, एक वोट की व्यवस्था है, लेकिन हरियाणा में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बूथों पर एक ही व्यक्ति के नाम से कई वोट डाले गए और कुछ क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल थे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला बताया।
भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार छिपाने के लिए लोकतंत्र और संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम करता है।