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MP पंचायत सचिव महासम्मेलन 2026: सेवा आयु 62 वर्ष, विशेष भत्ता और सातवें वेतनमान का ऐलान

संविलियन के लिए बनेगी कमेटी, 10 किस्तों वाला नियम खत्म...

By: Abhinav Tiwari 
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MP पंचायत सचिव महासम्मेलन 2026: सेवा आयु 62 वर्ष, विशेष भत्ता और सातवें वेतनमान का ऐलान

भेल के दशहरा मैदान में शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को आयोजित मध्यप्रदेश पंचायत सचिव महासम्मेलन में डॉ. मोहन यादव ने ग्राम पंचायत सचिवों के हित में कई बड़े और बहुप्रतीक्षित फैसलों की घोषणा की। सम्मेलन में पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल सहित बड़ी संख्या में पंचायत सचिव और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा आयु सीमा 62 वर्ष, सातवें वेतनमान का आदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत सचिवों की सेवा आयु सीमा बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी है। साथ ही 13 सितंबर 2023 से सातवें वेतनमान को लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।

10 किस्तों में राशि वसूली का नियम खत्म

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब प्रदेश सरकार डेढ़ लाख रुपये की राशि नहीं लेगी। उन्होंने घोषणा की कि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी के निधन की स्थिति में 10 किस्तों में राशि वसूली का नियम पूरी तरह समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय पूरी तरह पक्का है।”

संविलियन के लिए बनेगी कमेटी

डॉ. यादव ने पंचायत सचिवों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर संविलियन के लिए कमेटी गठित करने की घोषणा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस कमेटी के परिणाम जल्द सामने आएंगे। साथ ही जिला कैडर गठन, सेवा शर्तों में सुधार, प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने पर भी सरकार कार्य कर रही है।

“हनुमान की तरह असंभव कार्य कर रहे पंचायत सचिव”

मुख्यमंत्री ने पंचायत सचिवों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत पंचायत राज व्यवस्था से प्रदेश और देश दोनों मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा, “भगवान राम के काल में जो असंभव कार्य हनुमान जी करते थे, आज वही काम हमारे पंचायत सचिव कर रहे हैं।”

जनता का सबसे बड़ा भरोसा पंचायत सचिव पर

मुख्यमंत्री ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि लोग कई बार घरवालों पर भी भरोसा नहीं करते, लेकिन पंचायत सचिव पर पूरा भरोसा करते हैं। गांव का दुख-दर्द, समस्या और उम्मीद सबसे पहले पंचायत सचिव के पास ही आती है।

समापन पर सीएम का नारा

महासम्मेलन के समापन पर मुख्यमंत्री ने मंच से नारा दिया- “प्रदेश के हित में करेंगे काम, देश के हित में करेंगे काम।” इसके बाद हंसी-ठिठोली के बीच उन्होंने एक और नारा लगाया-  “प्रदेश में लूंगा पूरा काम, काम के दूंगा पूरे दाम…” इन घोषणाओं से पंचायत सचिवों में उत्साह का माहौल देखा गया और सम्मेलन तालियों की गड़गड़ाहट के साथ संपन्न हुआ।

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