डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि आधारित किसान कल्याण वर्ष का संकल्प लेकर किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि इस विशेष वर्ष के अंतर्गत हर माह और नियमित अंतराल पर किसानों के हित में कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे खेत और किसान तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निमाड़ अंचल में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया है। यह क्षेत्र नर्मदा घाटी परियोजना से मिले जल के कारण कृषि समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरा है। बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा जैसे जिलों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की तस्वीर बदली है और किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि सरकार आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के तहत भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मान्यता दी गई है और इसे समाज के साथ मिलकर मनाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही आदिवासी अंचल के पूजनीय भीड़ देव मंदिर में किए गए विकास कार्यों का लोकार्पण भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मॉडल सहभागिता आधारित शासन पर केंद्रित है। इसी सोच के तहत प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कैबिनेट बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि विकास की प्रक्रिया में हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर किसान की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दृष्टिकोण मध्य प्रदेश को कृषि, संस्कृति और समग्र विकास के पथ पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।