असम सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक विधानसभा में पेश कर दिया है। इस विधेयक के साथ असम देश का तीसरा राज्य बन गया है जहां UCC लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
विधानसभा में पेश किए गए इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दिनभर बहस चली। विपक्ष ने इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग की, जबकि सरकार इसे पारित कराने के पक्ष में रही।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशन जैसे मामलों में धर्म से ऊपर उठकर एक समान कानूनी ढांचा लागू करना है।
बीजेपी ने 2026 विधानसभा चुनावों से पहले अपने घोषणापत्र में असम में UCC लागू करने का वादा किया था। कैबिनेट ने 13 मई को इस विधेयक को मंजूरी दी थी, जिसके बाद इसे सदन में पेश किया गया है।