असम में हिमंता बिस्वा सरमा को एक बार फिर विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। भाजपा की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया, जिसके बाद उनके लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
हिमंता बिस्वा सरमा 12 मई को असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। माना जा रहा है कि यह शपथ ग्रहण समारोह भव्य होगा और इसमें कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
असम विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 82 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। वहीं सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) और बीपीएफ (BPF) ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की, जिससे गठबंधन की सरकार को मजबूत समर्थन मिला।
विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। उनकी निगरानी में नेतृत्व चयन की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस फैसले के साथ ही असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। हिमंता बिस्वा सरमा की नेतृत्व क्षमता और विकासवादी छवि को पार्टी की जीत का बड़ा कारण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला राज्य में स्थिरता और विकास की निरंतरता को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।