सीहोर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, नगर स्थित मा गायत्री हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए आई मयूरी राठौर की डिलीवरी सामान्य रूप से हुई थी और शुरुआत में जच्चा-बच्चा दोनों को स्वस्थ बताया गया था।
परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के लगभग 12 घंटे बाद अस्पताल की संचालक डॉ. सुजाता परमार द्वारा एक इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ समय बाद ही मयूरी राठौर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और थोड़ी ही देर में उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि महिला की मौत के बाद उन्हें करीब एक घंटे तक मृतका से मिलने नहीं दिया गया और न ही कोई मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।
मृतका के परिजन शव को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और अस्पताल प्रबंधन व संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई की अपील की है।
मृतका के पति मनीष राठौर ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे उनकी पत्नी की जान चली गई।