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वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम: कूनो नदी में घड़ियाल व कछुए छोड़े गए, बोले CM डॉ. मोहन

श्योपुर में कूनो नदी में 53 घड़ियाल और दुर्लभ कछुए छोड़े गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण, चीता प्रोजेक्ट और वन पर्यटन पर बड़ा बयान दिया।

By: Abhinav Tiwari 
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वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम: कूनो नदी में घड़ियाल व कछुए छोड़े गए, बोले CM डॉ. मोहन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले में चंबल की सहायक कूनो नदी में घड़ियाल और दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को छोड़ने के अवसर पर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण पुनर्जीवन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इसे नदियों के प्राकृतिक संतुलन और जैव विविधता को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।

कूनो नदी में 53 घड़ियाल और दुर्लभ कछुओं का पुनर्स्थापन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि कूनो नदी में 53 घड़ियाल के बच्चों को छोड़ा गया है, जिन्हें लगभग ढाई वर्षों तक अंडों से सेकर संरक्षित वातावरण में तैयार किया गया था। इसके साथ ही देश में दुर्लभ माने जाने वाले तीन-धारी वाले कछुओं को भी स्वच्छ जल में छोड़ा गया है। यह कदम विलुप्तप्राय जलीय जीवों के संरक्षण और नदी पारिस्थितिकी को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।

पर्यावरण संतुलन और पर्यटन दोनों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि घड़ियाल और मगरमच्छ नदियों की स्वच्छता बनाए रखने में सहायक होते हैं। ये जीव डायनासोर युग की जीवित निशानी हैं, जिनका संरक्षण हमारी जैविक विरासत को बचाने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल पर्यावरण सुरक्षित होगा, बल्कि कूनो क्षेत्र वन्यजीव पर्यटन के रूप में भी विकसित होगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।

चीता प्रोजेक्ट की सफलता का भी किया उल्लेख

सीएम डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि पालपुर-कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। बोत्सवाना से लाए गए चीतों के बाद अब कूनो में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 48 हो गई है। उन्होंने कहा कि कूनो का वातावरण और वन विभाग का स्टाफ इन चीतों को घर के बच्चों की तरह संरक्षण दे रहा है।

वन पर्यटन में अग्रणी बनता मध्य प्रदेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के अनुसार देश में सबसे अधिक पर्यटक मध्य प्रदेश आए हैं। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक संपदाओं का संरक्षण करते हुए वन पर्यटन (Forest Tourism) को और अधिक बढ़ावा देना है, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाई जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखने का संकल्प है, जिसे मध्य प्रदेश पूरी निष्ठा के साथ निभा रहा है।

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