नई दिल्ली : देश के सबसे पुराने धर्मगुरुओं में शामिल डॉ. फिलिप मार क्राइस्टोटम लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे थे, जिन्होंने मंगलवार-बुधवार की रात करीब 1.30 बजे दुनिया को अलविदा कह दिया। वे 103 साल के थे। आपको बता दें कि धर्मगुरू डॉ. फिलिप का इलाज पठानमथिट्टा जिले के थिरुवल्ला के कुंभनद फैलोशिप मिशन अस्पताल में इलाज चल रहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है। पीएम ने ट्वीट करके लिखा कि एक समृद्ध धर्मशास्त्रीय ज्ञान और मानव पीड़ा को दूर करने के उनके प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा।
Saddened by the demise of His Grace The Most Rev. Dr. Philipose Mar Chrysostom Mar Thoma Valiya Metropolitan. He will be remembered for his rich theological knowledge and many efforts to remove human suffering. Condolences to the members of the Malankara Mar Thoma Syrian Church.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 5, 2021
आपको बता दें कि डॉ. फिलिप मार क्राइस्टोटम विद्वान और मानव समाज की सेवा के लिए प्रसिद्ध थे। उनका ज्ञान अद्भुत था। वे नॉलेज और तार्किक भाषणों के लिए जाने जाते थे। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर भी गजब का था। वे कुरीतियों और समाज को बांटने वालीं व्यवस्थाओं का हमेशा विरोध करते रहे। इनका जन्म 27 अप्रैल, 1918 को हुआ था। कुछ हफ्ते पहले ही उनका 103वां जन्मदिन मनाया गया था।
बता दें कि डॉ. फिलिप मार मालांकार मार थोमा सीरियन चर्च के सबसे सीनियर महानगर थे। मार्च 2018 में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। 2018 में उन्हें 1944 में वे एक पुजारी के रूप में रहे। इसके बाद 1953 में बिशप बने। वे 23 अक्टूबर, 1999 को मार थोमा चर्च के महानगर बने थे। डॉ. फिलिप मार क्राइसोस्टॉम दुनिया के सबसे बुजुर्ग बिशप माने जाते थे।