नई दिल्ली: भूख और कुपोषण पर नजर रखने वाली वैश्विक भुखमरी सूचकांक की वेबसाइट ने साल 2021 की GHI की लिस्ट जारी की है। जिसमें भारत को 116 देशों में से 101वां स्थान दिया है। गौरतलब है कि 2020 में भारत 107 देशों में 94वें स्थान पर था। 2021 की रैंकिंग के अनुसार, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल ने भारत से बेहतर प्रदर्शन किया है। सहायता कार्यों से जुड़ी आयरलैंड की एजेंसी कंसर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी का संगठन वेल्ट हंगर हिल्फ की ओर से संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट में भारत में भूख के स्तर को ‘चिंताजनक’ बताया गया है।
यह साल 2000 में 38.8 था, जो 2012 और 2021 के बीच 28.8-27.5 के बीच रहा। जीएचआई स्कोर की गणना चार पैरामीटर पर की जाती है, जिनमें अल्पपोषण, कुपोषण, बच्चों की वृद्धि दर और बाल मृत्यु दर शामिल हैं। साल 2020 में भारत 107 देशों में 94वें स्थान पर था। अब 116 देशों में यह 101वें स्थान पर आ गया है।
इस बार सिर्फ 15 देश ऐसे हैं जो भारत से इस लिस्ट में पीछे हैं। पापुआ न्यू गिनीया(102), अफगानिस्तान(103), नाइजीरिया(103), कॉन्गो(105), मोजाम्बिक (106), सिएरा लियोन (106), हैती (109), लाइबेरिया (110), मैडागास्कर (111), डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (112), चैड(113), सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (114), यमन (115) और सोमालिया (116) जैसे देश ही भारत से इस लिस्ट में पीछे हैं। भारत इसके अलावा अपने ज्यादातर पड़ोसी देशों से भी पीछे है। इस लिस्ट में पाकिस्तान की रैंक 92, नेपाल की रैंक 76 और बांग्लादेश की रैंक भी 76 है।
भारत की पिछले 5 सालों की स्थिति
ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति चिंताजनक ही रही है। लेकिन इस साल भूखमरी का संकट और ज्यादा बढ़ गया है।
साल भारत का स्थान
2015 93वां
2016 97वां
2017 100वां
2018 103वां
2019 102वां
2019 94वां
2019 101वां
पड़ोसी देशों का भारत से बेहतर प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, पड़ोसी देश जैसे नेपाल (76), बांग्लादेश (76), म्यांमार (71) और पाकिस्तान (92) भी भुखमरी को लेकर चिंताजनक स्थिति में हैं, लेकिन भारत की तुलना में ये सभी अपने नागरिकों को भोजन उपलब्ध कराने को लेकर बेहतर प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोविड-19 और महामारी संबंधी प्रतिबंधों की वजह से लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जहां दुनिया भर में बच्चों की वेस्टिंग की दर सबसे ज्यादा है।
भारत ने कई पैरामीटरों पर किया है सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में चाइल्ड वेस्टिंग की दर 1998 और 2002 के बीच 17.1 प्रतिशत से बढ़कर 2016 और 2020 के बीच 17.3 प्रतिशत हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने अन्य पैरामीटरों में सुधार दिखाया है जैसे कि बाल मृत्यु दर, बाल स्टंटिंग की व्यापकता और अपर्याप्त भोजन के कारण अल्पपोषण की व्यापकता।
रिपोर्ट में चीन, ब्राजील और कुवैत सहित अठारह देशों ने पांच से कम के जीएचआई स्कोर के साथ टॉप स्थान साझा किया है। जीएचआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया के लिए भूख के खिलाफ लड़ाई खतरनाक तरीके से पटरी से उतर रही है। वर्तमान अनुमानों के आधार पर, दुनिया और विशेष रूप से 47 देश 2030 तक निम्न स्तर की भूख को प्राप्त करने में असमर्थ होंगे।