ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्व एमएलए वारिस पठान का एक विवादित भाषण सामने आया है जिसमें वो, मोदी शाह के साथ साथ हिंदुओं के खिलाफ भड़काते नजर आए। हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊं भाषण देते हुए उन्होंने कहा कि, मुसलमानों की संख्या अभी 15 करोड़ है, लेकिन ये 15 करोड़ 100 करोड़ पर भारी है, अगर ये 15 करोड़ साथ में आ गए, तो सोच लो उन 100 करोड़ का क्या होगा? इसपर जब उनसे माफी मांगने के लिए कहा गया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया।
दरअसल, कर्नाटक के गुलबर्ग में 15 फरवरी को एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने ओवैसी को शेर और सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं को शेरनियां बताया। भीड़ को भड़काते हुए वारिस ने कहा कि, हिंदुओं को हिलाना है न, मोदी-अमित साह की तख्त को गिराना है न? तो आवज ऐसी बनानी है कि आवाज यहां से निकले और सीधे जाकर दिल्ली के अंदर गिरे।
हिंदुओं के खिलाफ दिए गए भड़काऊं भाषण पर जब मांफी मांगने के लिए कहा गया तो, पठान का कहना है कि उन्होंने जो भी कहा वह संविधान के दायरे में रहकर कहा है। पठान के इस बयान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, जो लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वह कानून के खिलाफ कर रहे हैं जबकि बीजेपी हम लोगों को 130 करोड़ लोगों से अलग करने की कोशिश कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपना बयान वापस लेते हैं या माफी मांगते हैं, तो उन्होंने कहा कि, क्यों? आप उसे कैसे समझते हैं यह आपकी मानसिकता है। मैंने जो बोला है संविधान के दायरे में बोला है। उनके इस बयान को लेकर पूणे में शिकायत भी दर्ज की गई है।
वारिस ने कहा कि, ‘आजादी लेनी पड़ेगी, और जो चीज मांगने से नहीं मिलती उसे छीनना पड़ेगा। अब वक्त आ गया है। प्रदर्शन कर रही महिलाओं की ओर इशारा करते हुए पठान ने कहा कि, अभी तो सिर्फ शेरनियां बाहर निकली हैं, अगर हम लोग बाहर आ गए तो सोचो क्या होगा, हम 15 करोड़ हैं लेकिन 100 करोड़ पर भी हैं, ये बात याद रख लेना।