उज्जैन में एयरपोर्ट विस्तार और ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया है। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी विभिन्न मांगें रखीं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
किसानों ने मांग की है कि दताना-नरवर एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि का मुआवजा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रावधानों के अनुसार दिया जाए। साथ ही बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिए जाने की भी मांग उठाई गई है, ताकि प्रभावित किसानों को उचित लाभ मिल सके।
किसानों का कहना है कि जिनकी भूमि का आंशिक अधिग्रहण हुआ है, उनकी शेष भूमि कई बार उपयोग योग्य नहीं बचती। ऐसे में पूरी भूमि के अधिग्रहण की मांग भी की गई है। इसके साथ ही किसानों ने 45 फीट चौड़े पहुंच मार्ग और उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग प्रशासन के सामने रखी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि एयरपोर्ट के आसपास बची हुई भूमि को आवासीय उपयोग के लिए मान्यता दी जाए और उसका डायवर्सन जल्द से जल्द किया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
उज्जैन-नागदा और उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं से प्रभावित किसानों ने आरोप लगाया कि कई परिवार अभी भी मुआवजे से वंचित हैं। उन्होंने प्रशासन से लंबित भुगतान जल्द करने की मांग की है।
भारतीय किसान संघ ने प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वे बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।