नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के जशपुर में दशहरे के दिन दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को रौंदते हुए एक कार निकल गई थी। इस हादसे में कई व्यक्ति घायल हो गए, वहीं एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। इस हादसे पर चिंता जताते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने सरकार से मृतक के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की थी।
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार ने रमन सिंह की इस मांग को मान ली है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऐलान किया है कि जशपुर जिले के पत्थलगांव में सड़क हादसे में मारे गए गौरव अग्रवाल के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। बता दें कि सरकार ने पहले ही पत्थलगांव के टीआई को लाइन हाजिर कर दिया था। वहीं पत्थलगांव थाने पर तैनात एसआई केके साहू को निलंबित कर दिया था।
आपको बता दें कि जशपुर जिले कि पत्थलगांव क्षेत्र में 15 अक्टूबर की दोपहर करीब 1 बजे ओडिशा के संभलपुर से मध्य प्रदेश जा रही कार दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस में शामिल लोगों को रौंदते हुए निकल गई थी। इस हादसे में गौरव की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि करीब दर्जनभर घायलों को उपचार के लिए पत्थलगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से चार घायलों की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने रायगढ़ के लिए रेफर दिया था।
बीजेपी ने की थी 50 लाख देने की मांग
इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने छत्तीसगढ़ सरकार से मृतक गौरव अग्रवाल के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की थी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा था कि जिस तरह लखीमपुर खीरी जाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों के परिजनों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा किए हैं, उसी तरह अपने राज्य में मारे गए लोगों के परिजनों को भी उतनी ही मुआवजा राशि देनी चाहिए।