नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना महामारी के बीच लगातार कई राज्यों से ऑक्सीजन कमी की खबरें आ रही है, जिसे लेकर अब केंद्र सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। आपको बता दें कि अपने इस एक्शन के तहत केंद्र सरकार ऑक्सिजन की आपूर्ति के लिए उद्योग जगत से बात कर रही है। खासकर स्टील प्लांटों और तेल शोधक कारखानों से।

सरकार ने इन सभी कंपनियों को कोविड मरीजों के लिए पर्याप्त ऑक्सिजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। हालांकि, सरकार का ध्यान इस बात पर भी है कि इन फैक्ट्रियों के अपने काम प्रभावित नहीं हों, इसलिए वहां पड़े अतिरिक्त ऑक्सिजन की ही मांग की जा रही है। सूत्रों की मानें तो, सरकार अपनी तरफ से औद्योगिक संगठन ऑक्सिजन उत्पादक कंपनियों से बात कर रहे हैं। एक आंकलन के मुताबिक, देश में अभी 7.20 अरब मीट्रिक टन ऑक्सिजन उपलब्ध है। इनमें आधा अस्पतालों के लिए जबकि आधा फैक्ट्रियों के लिए रिजर्व है।

कहा जा रहा है कि शुरुआती दौर में स्टील प्लांटों और रिफाइनरियों को कोटे से 20 से 25 प्रतिशत ऑक्सिजन अस्पतालों को भेजा जाएगा। आपको बता दें कि स्टील प्लांटों ने सरकार की अपील पर सकारात्मक जवाब दिया है। इसके बावजूद भी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ऑक्सिजन को पहुंचाना। मसलन, ओडिशा के स्टील प्लांटों से महाराष्ट्र तक ऑक्सिजन पहुंचाना और वो भी जल्द-से-जल्द, आसान नहीं होगा।
आपको बता दें कि कोरोना वायरस की नई लहर के कारण बिगड़े हालात पर काबू पाने के लिए राज्यों से बातचीत की, जिसमें मुंबई सहित कई राज्यों ने ऑक्सीजन कमी का सवाल उठाया। क्योंकि ऑक्सीजन की कमी के कारण न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों ऑक्सिजन की कमी से कोविड मरीजों की मौतों का मामला सामने आ चुका है।