सनातन धर्म में तुलसी विवाह का बहुत ही विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप के साथ तुलसी जी का विवाह कराया जाता है। आइए जानते हैं इस साल कब है तुलसी विवाह और इस शुभ मुहूर्त के बारे में।
सनातन धर्म में तुलसी विवाह का बहुत ही विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप के साथ तुलसी जी का विवाह कराया जाता है। आइए जानते हैं इस साल कब है तुलसी विवाह और इस शुभ मुहूर्त के बारे में।
कृष्ण भगवान ने कहा- बहना, इसी तरह का प्रश्न एक बार माता पार्वती ने शंकरजी से किया था। तब शंकरजी ने माता पार्वती को करवा चौथ का व्रत बतलाया। इस व्रत को करने से स्त्रियां अपने सुहाग की रक्षा हर आने वाले संकट से वैसे ही कर सकती हैं जैसे एक ब्राह्मण ने की थी।
दिवाली का पर्व कार्तिक मास के अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की उपासना की जाती है। इस दिन भगवान राम लंका पर विजय प्राप्त कर अयोध्या वापिस लौटे थे, जिसकी खुशी में सभी अयोध्या नगरवासियों ने दीपक जलाए थे।
उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के लड्डू प्रसाद के पैकेट में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद, मंदिर प्रबंध समिति ने प्रसाद के पैकेट से ओम (ॐ) और मंदिर शिखर की तस्वीर हटाने का निर्णय लिया है।
आज शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन है, और मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में मां दुर्गा की भव्य झांकियों की सजावट की गई है। राजधानी भोपाल में, श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या के श्री राम मंदिर के समान मां दुर्गा का एक भव्य पंडाल सजाया गया है।
शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुकी है। इस वर्ष मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही हैं और प्रस्थान मुर्गे पर हो रहा है। कहते हैं कि माता रानी के हर वाहन का अलग अर्थ होता है। तो चलिए जानते हैं कि माता का पालकी पर सवार होकर आना देश-दुनिया के लिए शुभ है या अशुभ।
आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन भक्तजन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा करते हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का बहुत महत्व है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से मां प्रसन्न होती हैं।आइए विस्तार से जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजाविधि, उनका प्रिय भोग, पूजा मंत्र और आरती।
पितृ पक्ष में पितरों के निमित्त तर्पण और श्राद्ध किया जाता है। श्राद्ध का भोजन दोपहर में कराया जाता है। लेकिन क्या आप इसकी वजह जानते हैं? जानिए इस पोस्ट में इसके बारे में..
ब्रज की महारानी श्रीराधा रानी का जन्म दिवस ‘राधा अष्टमी' आज यानी बुधवार, 11 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त राधाष्टमी का व्रत रखते हैं और श्रीराधा-कृष्ण की पूजा अर्चना कर अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।
हम सभी को पता है कि गजानन का वाहन मूषक है। पर क्या आपको पता है कि गणेश जी का वाहन मूषक कैसे बना। शायद हममें से कई लोगों को इस बारे पता न हो। टेंशन न लीजिए आप इस पोस्ट के माध्यम से जान सकते हैं कि गणेश जी का वाहन मूषक ही क्यों बना...
गणेश चतुर्थी के घरों और पंडालों से कानों में एक ही गूंज सुनाई पड़ती है, गणपति बप्पा मोरया... क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि इन तीन शब्दों का मतलब क्या है।
प्रथम पूज्य गणेश... हर शुभ काम और अनुष्ठान में सबसे पहले क्यों की जाती है भगवान गणपति की पूजा, हिंदू धर्म के सभी ग्रंथ में बताए हैं जिसमें अलग-अलग कारण हैं।
हरतालिका तीज किसी भी हिंदू महिला के लिए बहुत खास है। इस तीज पर हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग भी है जोकि उस समय बना था जब माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए व्रत किया था।
गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान श्रीगणेश के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गणपति बप्पा के मंदिरों को भव्य रूप में सजाया जाता है और गणेश उत्सव की शुरुआत होती है।
गणेश उत्सव को लेकर देशभर में धूमधाम से तैयारियां चल रही हैं। हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी गणेश चतुर्थी मनाई जाती है।