मुंबई हाईकोर्ट ने एक 23 वर्षीय युवक को महिला की दुपट्टा खींचने की जुर्म में एक साल की कठोर सजा सुनाई है। कोर्ट ने आदेश के दौरान टिप्पणी की कि, 'एक महिला के जीवन और निजता के अधिकार को सीधे प्रभावित करने वाले अपराधों में शामिल शख्स को उसके अच्छे व्यवहार के कारण नहीं छोड़ा जा सकता है।'
