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त्रिपुरा : बिना अनुमति लेफ्ट छात्रों ने निकाली रैली, BJP कार्यकर्ताओं से मारपीट, कई घायल

त्रिपुरा के गोमती जिले में लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन DYFI ने बिना प्रशासन अनुमति के रैली निकाली। इस दौरान DYFI ने बीजेपी के विरुद्ध नारेबाजी की। जिससे वहीं पास मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं से तकरार हो गई। वहीं यह तकरार थोड़ी देर में हिंसक हो गई। कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की भी सूचनाएं हैं।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : त्रिपुरा के गोमती जिले में लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन DYFI ने बिना प्रशासन अनुमति के रैली निकाली। इस दौरान DYFI ने बीजेपी के विरुद्ध नारेबाजी की। जिससे वहीं पास मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं से तकरार हो गई। वहीं यह तकरार थोड़ी देर में हिंसक हो गई। कई जगह आगजनी और तोड़फोड़ की भी सूचनाएं हैं। उपद्रवियों ने पूर्व मंत्री रतन भौमिक की गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस को स्थिति पर नियंत्रण के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

हगामे के शुरुआत कैसे हुई

आपको बता दें कि इस हिंसक झड़प में कई बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गए। जबकि एक बीजेपी कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल है, लेफ्ट के भी दो तीन कार्यकर्ता घायल हैं। हिंसा के बाद दोनों पार्टियां एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। हंगामे की शुरुआत गोमती जिले के उदयपुर शहर से हुई। सीपीआई (एम) यूथ विंग फेडरेशन ने रैली निकाली थी। इस रैली के दौरान सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं और भाजपा कार्यकर्ता के बीच तकरार हो गया। फिर अचानक यह तकरार मारपीट में बदल गया। पुलिस ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का एक ग्रुप वहां मौजूद था। DYFI की रैली के दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झगड़ा हो गया। कुछ लोग घायल हो गए।

 

सीपीएम नेता येचूरी ने लगाया बीजेपी पर आरोप

हिंसा के बाद सीपीएम नेता सीताराम येचूरी ने आगजनी का एक वीडियो ट्वीट करके बीजेपी पर आरोप लगाए। पुलिस ने बताया कि हिंसा में दो से तीन लोग घायल हुए हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक संबद्धता का पता नहीं चल पाया है। सूत्रों के अनुसार, उदयपुर झड़प के बाद अगरतला, विशालगढ़ और कथलिया में माकपा के पार्टी कार्यालयों में भी तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच सोमवार को पहले दौर की हिंसा के बाद झड़पें हुईं, जब त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार को कथित तौर पर धनपुर जाने से रोका गया था।

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

पुलिस ने बताया कि उदयपुर के घायल बीजेपी कार्यकर्ता को गंभीर हालत में अगरतला के जीबी पंत अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। उन्होंने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने और उपद्रव रोकने के लिए पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी को तैनात करना पड़ा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अज्ञात उपद्रवियों के एक समूह ने माकपा के उदयपुर पार्टी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की, जबकि पूर्व वाम मोर्चा मंत्री रतन भौमिक के एक वाहन को आग लगा दी गई। झड़प के तुरंत बाद कृषि मंत्री प्रणजीत सिंह रॉय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

बिना अनुमति निकाली रैली

कृषि मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय ने मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि माकपा की युवा शाखा ने पुलिस से पूर्व अनुमति लिए बिना एक रैली निकाली थी। जब पुलिस ने इस रैली को रोकने की कोशिश की तब उन्होंने हिंसा शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि सरकार हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। इस बीच, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक ने सोमवार की हिंसा के विरोध में सोनामुरा उपमंडल के धनपुर में एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया। बाद में शाम को बीजेपी सदर जिला इकाई ने राजधानी अगरतला में एक विरोध रैली भी की।

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