नई दिल्ली : मुंबई अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के कोरोना से संक्रमित होने की खबर एक अफवाह निकली, जिससे राजन मरते-मरते बच गया। गौरतलब है कि जिस राजन को लेकर थोडी देर पहले मौत की खबर सामने आई थी, उसे लेकर एम्स ने जानकारी दी की कोरोना संक्रमित अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन का दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एम्स ने कहा कि छोटा राजन जिंदा है।
बता दें कि इससे पहले कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि छोटा राजन का कोरोना से निधन हो गया है। कोरोना से संक्रमित होने के बाद 62 वर्षीय छोटा राजन को 25 अप्रैल को तिहाड़ जेल से एम्स में भर्ती कराया गया था। आपको बता दें कि छोटा राजन पर अपहरण और हत्या के कई मामलों समेत 70 से अधिक केस दर्ज थे। उसे मुंबई के सीनियर पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या में दोषी करार देते हुए आजीवन कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि पिछले दिनों उसे हनीफ कड़ावाला की हत्या के केस में विशेष सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया था।
मुंबई में 1993 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में भी छोटा राजन आरोपी था। छोटा राजन का असली नाम राजेंद्र निकालजे था। 2015 में उसे इंडोनेशिया से भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया था। 26 अप्रैल को उसे कोरोना संक्रमण से इलाज के लिए एम्स ले जाया गया था। तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने 26 अप्रैल को एक केस की सुनवाई के दौरान बताया था कि छोटा राजन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर पेशी के लिए नहीं लाया जा सकता। इसकी वजह यह है कि उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया है और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आपको बता दें कि छोटा राजन 2015 में इंडोनेशिया से गिरफ्तारी के बाद नई दिल्ली की उच्च सुरक्षा वाली तिहाड़ जेल में बंद था। ध्यान रहे छोटा राजन और दाऊद इब्राहिम कभी एक ही गिरोह में हुआ करते थे लेकिन दाऊद की भारत विरोधी शक्तियों के साथ मिलने के बाद छोटा राजन उससे अलग हो गया था। इसके बाद बैंकॉक में दाऊद के आदमियों ने छोटा राजन पर हमला भी किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके पेट की एक महत्वपूर्ण आंत को खासा नुकसान पहुंचा था।
इसके बाद छोटा राजन को सीबीआई द्वारा जारी कराए गए इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर मलेशिया में गिरफ्तार कर लिया गया था और उसे साल 2015 में भारत डिपोर्ट करके लाया गया।
भारत लाए जाने के बाद भी सुरक्षा कारणों के चलते छोटा राजन को मुंबई के जेलों में नहीं रखा गया क्योंकि यह आशंका थी कि दाऊद समर्थित ग्रुप उसके खिलाफ षड्यंत्र रच सकते हैं और मुंबई की जेल में उस पर हमला हो सकता है। इस आशंका के मद्देनजर छोटा राजन को सभी मामलों की सजा भुगतने के लिए दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया।