Bihar News: सासाराम शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने और सड़क किनारे लगने वाली अवैध दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन द्वारा बनाए गए वेंडर जोन की योजना प्रभावी साबित नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में फुटपाथी दुकानदार वेंडर जोन छोड़कर फिर से मुख्य सड़कों और चौराहों पर लौट आए हैं, जिससे शहर में जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार सासाराम के विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों की संख्या में सब्जी, फल और अन्य सामान बेचने वाले फुटपाथी दुकानदार सड़क किनारे दुकानें लगा रहे हैं। प्रशासन ने इन दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए पुरानी बस पड़ाव क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से वेंडर जोन विकसित किया था। प्रारंभिक दिनों में कुछ दुकानदार वहां पहुंचे भी, लेकिन समय बीतने के साथ अधिकांश विक्रेता पुनः अपने पुराने स्थानों पर लौट आए।
विशेष रूप से पोस्ट ऑफिस चौराहा और आसपास के क्षेत्र में फुटपाथी दुकानों की संख्या बढ़ने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर यहां वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं और आम नागरिकों को जाम के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
दुकानदारों का पक्ष भी अलग है। उनका कहना है कि वेंडर जोन शहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्र से दूर स्थित है, जहां ग्राहकों की आवाजाही बहुत कम रहती है। ऐसे में वहां बैठने पर उनकी बिक्री प्रभावित होती है और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। इसी कारण वे मजबूर होकर फिर से सड़क किनारे दुकान लगाने लगते हैं।
कुछ समय पहले एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी के नेतृत्व में पोस्ट ऑफिस चौराहा क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई से कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था में सुधार भी देखने को मिला, लेकिन नियमित निगरानी के अभाव में स्थिति फिर पहले जैसी हो गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता और अतिक्रमणकारियों की मनमानी के कारण शहर में जाम की समस्या स्थायी रूप से खत्म नहीं हो पा रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वेंडर जोन को अधिक सुविधाजनक स्थान पर विकसित किया जाए तथा नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।