उज्जैन : मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी Ujjain में सिंहस्थ-2028 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर प्रशासन शहर को आधुनिक धार्मिक और सांस्कृतिक महानगर के रूप में विकसित करने में जुटा हुआ है। उज्जैन में इस समय 100 से अधिक विकास कार्य एक साथ प्रगति पर हैं, जिनका उद्देश्य आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएं।
शहर में शिप्रा नदी के किनारे लगभग 29 किलोमीटर लंबे नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें करीब 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही सिलारखेड़ी शुद्धिकरण योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है ताकि शिप्रा नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके। प्रशासन का लक्ष्य सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना है।

यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 60 से अधिक सड़कों के चौड़ीकरण और कनेक्टिविटी सुधार का कार्य जारी है। उज्जैन-इंदौर मार्ग को फोरलेन से सिक्स लेन में बदला जा रहा है, जबकि इंदौर के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा शहर में 21 नए पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें कर्कराज, नरसिंह घाट और भैरूगढ़ क्षेत्र के पुल प्रमुख हैं। कई पुलों का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और कुछ पुल इसी वर्ष पूरे होने की संभावना है।
प्रशासन ने मानसून को देखते हुए उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है जिन्हें बारिश से पहले पूरा किया जा सकता है। वहीं सिंहस्थ से पहले एयरपोर्ट प्रोजेक्ट और साइंस सिटी प्रोजेक्ट को भी गति दी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि सिंहस्थ-2028 तक उज्जैन को आधुनिक सुविधाओं से लैस धार्मिक नगरी के रूप में विकसित कर दिया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को स्वच्छता, सुरक्षा, बेहतर यातायात और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।