बुरहानपुर जिले में 20 मई को दवा व्यापार पूरी तरह बंद रहा। जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर लगभग 550 मेडिकल स्टोर राष्ट्रव्यापी बंद में शामिल हुए। व्यापारियों ने ई-फार्मेसी और प्रिडेटरी प्राइसिंग के विरोध में बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
दवा व्यापारियों का आरोप है कि अवैध ई-फार्मेसी संचालन और बड़े कॉरपोरेट्स की मूल्य नीति से छोटे मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने सरकार से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने शहर में बाइक रैली निकाली और काली पट्टियां बांधकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सरकार से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
एसोसिएशन के अनुसार जिले की लगभग 550 मेडिकल दुकानें बंद रहीं। हालांकि मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी व्यवस्था और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए थे।
एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज अगनानी ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री से बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है। संगठन ने ई-फार्मेसी पर रोक और प्रिडेटरी प्राइसिंग पर नियंत्रण की मांग की है।
दवा व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। अब सरकार के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।