1. हिन्दी समाचार
  2. Burhanpur
  3. फर्जी इंजीनियर बनकर मोबाइल टावरों से केबल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया

फर्जी इंजीनियर बनकर मोबाइल टावरों से केबल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया

बुरहानपुर की नेपानगर पुलिस ने मोबाइल टावरों से तांबे की केबल चोरी करने वाले हाईटेक गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी इंजीनियर बनकर टावरों की रेकी करते थे और तकनीकी उपकरणों की मदद से केबल चोरी करते थे। पुलिस ने उनके पास से ₹1.29 लाख की चोरी की केबल और वारदात में इस्तेमाल सामान बरामद किया है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

By: Nivedita 
Updated:
फर्जी इंजीनियर बनकर मोबाइल टावरों से केबल चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया

बुरहानपुर जिले की नेपानगर पुलिस ने मोबाइल टावरों से तांबे की केबल चोरी करने वाले एक हाईटेक अंतर-जिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से चोरी की गई केबल और वारदात में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद किए गए हैं।

इंजीनियर बनकर करते थे रेकी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को मोबाइल कंपनी का इंजीनियर बताकर टावरों की रेकी करते थे। वे फर्जी आईडी कार्ड, लैपटॉप और तकनीकी उपकरणों के साथ टावरों पर पहुंचते थे, जिससे लोगों को संदेह नहीं होता था और उन्हें अधिकृत कर्मचारी समझ लिया जाता था।

बीएसएनएल टावर से हुई थी चोरी

मामले का खुलासा तब हुआ जब बीएसएनएल के जेटीओ लतेन्द्र बिल्लोरे ने नेपानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ग्राम सीवल स्थित मोबाइल टावर से करीब 200 मीटर लंबी तांबे की केबल चोरी हो गई है। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की।

बलेनो कार से मिले अहम सुराग

जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध बलेनो कार की जानकारी मिली। घेराबंदी कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से करीब ₹1.29 लाख मूल्य की चोरी की केबल जब्त की। साथ ही केबल काटने में उपयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरण भी बरामद किए गए।

पूर्व टावर कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड

पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी दिलीप चौधरी पहले एक निजी टेलीकॉम कंपनी में टावर मेंटेनेंस का काम करता था। उसे टावरों की तकनीकी जानकारी और तांबे की केबल की कीमत का पूरा अंदाजा था। नौकरी छोड़ने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी का गिरोह बना लिया।

60 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर करते थे वारदात

आरोपी रात या सुनसान समय में टावरों पर चढ़कर कटर की मदद से केबल काटते थे। बाद में उन्हें छोटे टुकड़ों में पैक कर वाहन से फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह कई जिलों में सक्रिय हो सकता है और अन्य वारदातों में भी इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

दो आरोपी गिरफ्तार, दो अब भी फरार

पुलिस ने आशुतोष मीणा निवासी खंडवा और दिलीप चौधरी निवासी हरदा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गिरोह के अन्य सदस्य यशवंत राजपूत और रतन मीणा अभी फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार

इस सफल कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने नेपानगर पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि जिले में चोरी और संगठित अपराध पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...