उज्जैन के गढ़कालिका मंदिर में हाल ही में हुए विवाद और आत्मदाह प्रयास की घटना के बाद मामला गंभीर हो गया है। इस घटना की अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने कड़ी निंदा की है और मंदिरों की सुरक्षा तथा पुजारियों के संरक्षण के लिए विशेष कानून बनाने की मांग उठाई है।
महासंघ के अध्यक्ष महेश गुरु ने कहा कि मंदिर आस्था के केंद्र हैं और यहां शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति मंदिर की परंपराओं और व्यवस्था को बाधित करता है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
महेश गुरु के अनुसार, गढ़कालिका मंदिर में आरती के समय केवल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए थोड़ी दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इस सामान्य बात को लेकर विवाद बढ़ गया। उन्होंने इसे मंदिर की मर्यादा के खिलाफ बताया।
महासंघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान एक महिला साध्वी द्वारा मंदिर परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया गया, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक घटना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं श्रद्धालुओं में भय और अव्यवस्था पैदा करती हैं।
महेश गुरु ने यह भी कहा कि देशभर के मंदिरों में पुजारियों और कर्मचारियों के साथ विवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। कुछ लोग जानबूझकर धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और परंपराओं को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।
अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मंदिरों में सेवा देने वाले पुजारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के लिए विशेष ‘मंदिर सुरक्षा एक्ट’ लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि अब मंदिरों की सुरक्षा को लेकर ठोस और सख्त नीति बनाना जरूरी हो गया है।