सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र स्थित बस स्टैंड से 2 साल की मासूम बच्ची के अपहरण की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बच्ची के पिता अर्जुन सिंह द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामला गंभीरता से लिया गया। पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। बच्ची की तलाश के लिए करीब 10 अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिनमें 150 से अधिक पुलिसकर्मी और साइबर सेल के अधिकारी शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी की जानकारी देने वाले के लिए ₹10 हजार के इनाम की भी घोषणा की।
जांच के दौरान पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए संदिग्ध की गतिविधियों का पता लगाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची को लेकर माजन मोड़ और नौगढ़ के रास्ते झारखंड की ओर भागा है।
पुलिस ने स्थानीय ऑटो चालकों, बस कंडक्टरों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान सुनिश्चित की। जांच में आरोपी की पहचान झारखंड निवासी विनोद महतो के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने झारखंड में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
सिंगरौली पुलिस की विशेष टीम ने महज 36 घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। मासूम को सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई “मुस्कान अभियान” के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। समय रहते बच्ची की सुरक्षित बरामदगी ने पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच क्षमता को भी साबित किया है।