धार जिले में लोकायुक्त इंदौर की टीम ने जिला शिक्षा केंद्र में पदस्थ जिला परियोजना समन्वयक (DPC) प्रदीप कुमार खरे को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शौचालय निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में की गई मांग के मामले में हुई है।
जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में 122 शौचालयों के निर्माण कार्य के लिए लगभग 3.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि आरोपी अधिकारी ने कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन यानी करीब 17 लाख रुपये की मांग की थी।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त इंदौर द्वारा सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 18 मई 2026 को ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की गई और आरोपी को पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये लेते समय पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
इस कार्रवाई में लोकायुक्त की विशेष टीम के अधिकारी निरीक्षक सचिन पटेरिया सहित कई अन्य अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने सफलतापूर्वक ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया।