बड़वानी जिले में ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंट के विरोध में मेडिकल स्टोरों का व्यापक बंद देखा गया। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल से दवा आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में करीब 400 से ज्यादा मेडिकल स्टोर हड़ताल में शामिल रहे, जबकि बड़वानी शहर में लगभग 200 दवा दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां बिना पर्याप्त निगरानी के दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे छोटे कारोबारियों को नुकसान हो रहा है।
बंद का सबसे अधिक असर हार्ट, शुगर, ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर देखने को मिला। कई मरीज सुबह से दवाइयों की तलाश में भटकते नजर आए। हालांकि प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं और अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स को खुला रखने के निर्देश दिए हैं।
केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना नियंत्रण के दवाओं की बिक्री हो रही है, जिससे नकली या गलत दवाएं मिलने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं की उपलब्धता को भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बताया जा रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट से स्थानीय मेडिकल स्टोर कमजोर हो रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो छोटे मेडिकल व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
दवा व्यापारियों ने सरकार से सख्त नियम बनाने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।