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उज्जैन में जर्जर छात्रावास के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, 1000 सीट वाले नए हॉस्टल की मांग

उज्जैन में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के छात्रों ने 1980 में बने जर्जर संभागीय एवं पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास को लेकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया। छात्रों ने 100 सीट वाले पुराने हॉस्टल को असुरक्षित बताते हुए 1000 सीट क्षमता वाले नए आधुनिक छात्रावास की मांग की। उनका कहना है कि भवन की हालत बेहद खराब है और यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। प्रदर्शन के बाद छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात की, जहां उन्हें जमीन का परीक्षण कर नया हॉस्टल बनाने पर विचार का आश्वासन दिया गया।

By: Nivedita 
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उज्जैन में जर्जर छात्रावास के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, 1000 सीट वाले नए हॉस्टल की मांग

उज्जैन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के छात्रों ने जर्जर हो चुके छात्रावास भवन को लेकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने वर्तमान संभागीय एवं पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास को पूरी तरह असुरक्षित बताते हुए नए भवन की मांग उठाई।

50 साल पुराना भवन बना खतरे की वजह

कोठी रोड स्थित यह छात्रावास वर्ष 1980 में बनाया गया था, जिसमें उस समय लगभग 100 छात्रों के रहने की व्यवस्था थी।
छात्रों का कहना है कि करीब पांच दशक पुराना यह भवन अब काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। दीवारों में दरारें और कमजोर संरचना के कारण यहां रहना जोखिम भरा हो गया है।

1000 सीट क्षमता वाले नए हॉस्टल की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की है कि पुराने भवन को तोड़कर उसी स्थान पर 1000 सीट क्षमता वाला आधुनिक छात्रावास बनाया जाए। उनका कहना है कि बढ़ती छात्र संख्या को देखते हुए वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह अपर्याप्त है और इसे तत्काल बदला जाना चाहिए।

छात्रों का तर्क: बढ़ी आबादी, लेकिन सुविधाएं पुरानी

छात्र नेता अजय सिसोदिया ने बताया कि 1980 के समय उज्जैन संभाग की आबादी लगभग 5 से 7 लाख थी, जो अब बढ़कर 17 से 18 लाख तक पहुंच चुकी है। लेकिन छात्रावास की सीटें आज भी 100 ही हैं, जिससे छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पहले भी स्वीकृत हुई थी राशि, लेकिन नहीं हुआ निर्माण

छात्रों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 और 2022 में नए हॉस्टल के लिए राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन जमीन उपलब्ध न होने के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी और राशि भी लैप्स हो गई।

कलेक्टर से मुलाकात, मिला आश्वासन

धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक विरोध जताया। बाद में पांच छात्रों का प्रतिनिधिमंडल जनसुनवाई में शामिल होकर कलेक्टर से मिला।
कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि परिसर की जमीन का परीक्षण कराया जाएगा और यदि पर्याप्त भूमि उपलब्ध हुई तो वहीं नया छात्रावास बनाने पर विचार किया जाएगा।

अभद्र व्यवहार का आरोप भी लगाया

प्रदर्शन में शामिल एक अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि कलेक्टर कार्यालय में मौजूद एडीएम द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने पहुंचे छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है।

 

 

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