नई दिल्ली : अफगानिस्तान के लगातार बिगड़ते हालात पर भारत सरकार ने सर्वदलीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने विपक्षी पार्टियों को अपनी तालिबान रणनीति समझाई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अगुवाई में विदेश मंत्रालय (MEA) की टीम ने सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स को अफगानिस्तान की स्थिति की जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने बताया कि वह अभी वेट एंड वॉच के मोड में है, लेकिन मुख्य फोकस लोगों को वहां से निकालने पर है।
सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में बताया कि अफगानिस्तान में हालात काफी खराब हैं, ऐसे में भारत का फोकस अपने लोगों को जल्द निकालने पर है। तालिबान (Taliban) ने अमेरिका के साथ दोहा में जो वादा किया था, उसे तालिबान ने पूरा नहीं किया है। विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने बताया कि अफगानिस्तान में भारत सरकार की हेल्प डेस्क पर करीब 15 हज़ार लोगों ने संपर्क किया। पूरी दुनिया अभी भी तालिबान को लेकर वेट एंड वॉच की पॉलिसी अपना रही है, भारत भी अभी इस मोड में है।
जानकारी के मुताबिक, सभी राजनीतिक दलों ने अफगानिस्तान से भारतीयों को निकाले जाने के प्रयासों की तारीफ की है।
इन विपक्षी नेताओं ने लिया हिस्सा
आपको बता दें कि कि इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, पीयूष गोयल समेत सरकार की ओर से अन्य लोग शामिल हुए। जबकि विपक्ष की ओर से शरद पवार, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी जैसे नेता और अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों ने बैठक में हिस्सा लिया।
बता दें कि भारत (India) की ओर से लगातार लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। भारत पहले ही अपने दूतावास के लोगों को निकाल चुका है, अब वह वहां फंसे भारतीयों को निकालने पर अपना ध्यान केंद्रित किये हुए है। इसके अलावा अफगानिस्तान में रहने वाले हिन्दू और सिखों को भी भारत लाया जा रहा है।