नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कुत्ते को कलेक्टर बनाकर ज्ञापन दिया और कुत्ते के कान में कहा कि मुख्यमंत्री तक किसानों की बात पहुंचा देना।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कुत्ते को कलेक्टर बनाकर ज्ञापन दिया और कुत्ते के कान में कहा कि मुख्यमंत्री तक किसानों की बात पहुंचा देना।
अचानक बदले इस मौसम ने किसानों और आमजन को संभलने का कोई अवसर नहीं दिया और लोग बेबस होकर अपनी फसलें बर्बाद होते देखते रह गए। प्राकृतिक आपदा के बीच भ्रष्टाचार की तस्वीर भी उजागर हो गई है।
किसानों के सामने अब आर्थिक संकट गहरा गया है, क्योंकि उनकी पूरी मेहनत कुछ ही पलों में खराब हो गई।
वर्तमान में बाजार में गेहूं शासन के समर्थन मूल्य से नीचे भाव में बिक रहा हैं। जिसका भाव 2200 से लेकर 2350 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बना हुआ है। ऐसे में शासन के समर्थन मूल्य 2625 रुपए क्विंटल के प्रति गेहूं विक्रय के लिए किसानों का रुझान दिखने लगा है।
श्री चौधरी ने कहा कि इंदौर और उज्जैन संभाग में अब तक एक भी किसान का स्लॉट बुक नहीं होना और बारदानों की व्यवस्था न होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है और इससे पूरे प्रदेश की तस्वीर सामने आती है।
नदी के आस-पास अनेकों किसान खेती करते हैं और गर्मी के समय पानी की समस्या बढ़ जाती है। जिसको देखते हुए तनौर नदी पर बोरी बंधान कार्य किया गया है। जिससे गर्मी के समय होने वाली पानी की समस्यायों से निजात मिल पाएगी।
करीब आधे घंटे बाद वर्षा और तेज हवा आंधी ने खेतों में खड़ी व पकी हुई फसलों को नुकसान पहुंचाया। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई।