जीतू पटवारी किसानों के ट्रैक्टर पर चढ़े और किसानों से गेहूं के भाव की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। जिस पर पटवारी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
जीतू पटवारी किसानों के ट्रैक्टर पर चढ़े और किसानों से गेहूं के भाव की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। जिस पर पटवारी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग देश की अर्थव्यवस्था को पहियों पर आगे बढ़ाते हैं, आज वही सबसे ज्यादा उपेक्षित और परेशान हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने खरगोन में टंट्या भील जी की प्रतिमा स्थापना में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि ₹10 लाख के बजट के बावजूद मात्र ₹60 हजार की फाइबर प्रतिमा स्थापित की गई थी, जो आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ था। कांग्रेस के विरोध के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई।
गरीबों और वंचितों के हक के लिए उनका संघर्ष आज भी हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह सिसोदिया और ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह राजपूत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फसल कटकर तैयार है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी की रफ्तार बेहद सुस्त है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया गया है, जो कथित रूप से दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से जुड़ा है।
नरोत्तम मिश्रा पर पेड न्यूज का मामला इसी विधानसभा का है। अब तक कोई निर्णय नहीं किया निर्मला सप्रे पर विधानसभा ने कोई निर्णय नहीं लिया। बीजेपी अलोकतांत्रिक का कैंसर बन गई है।
बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं और पैकेट का आकार घटाकर “कम मात्रा, अधिक कीमत” का मॉडल अपना रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश के कृषि मंत्री के अपने ही गृह राज्य में किसान एक अदद बोरे के लिए तरस रहे हैं! संसद में "जनसंपर्क अधिकारी" की तरह केंद्र सरकार की झूठी प्रशंसा कर राष्ट्रीय आलोचना का केंद्र बने केंद्रीय कृषि मंत्री अपने मूल दायित्व को भूल चुके हैं!
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों को डीजल नहीं मिल पा रहा है, गृहणियों को गैस समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने जनता के बीच अपनी बात रखी और केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया।
कविता पांडेय ने कहा कि गैस एजेंसी में लोग एक-एक किलोमीटर तक लाइन लगा रहे हैं। जबकि सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर पर 60 रुपए बढ़ा दिए उसके बावजूद भी समय पर लोगों को गैस नहीं मिल रही है।
राठौर ने कहा कि आज किसानों की फसल तैयार है, लेकिन उन्हें वारदाना नहीं मिल पा रहा, जिससे किसान खुद को ठगा और छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि सम्मेलन में एआई को शिक्षा प्रणाली में शामिल करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने पर भी मंथन किया गया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों में कालाबाजारी, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें और बढ़ती बेरोजगारी ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। मध्यम वर्ग और गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी अपर्याप्त उपलब्धता को सरकार की बड़ी विफलता करार दिया।