गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के अंदर हुई मारपीट और अनुशासनहीनता के मामले के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने मामले में कार्रवाई करते हुए दोषी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की है। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने साफ कहा है कि संगठन में अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने की बात कही है।
गोरखपुर की घटना पर सपा का बड़ा एक्शन
गोरखपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना को लेकर सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि पूर्व जिला अध्यक्ष के साथ जो घटना हुई, वह पूरी तरह गलत थी। संगठन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और इसकी जांच कराई गई। जांच में अनुशासनहीनता सामने आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई की गई और उन्हें संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया गया। श्याम लाल पाल ने साफ किया कि समाजवादी पार्टी में संगठन और अनुशासन सबसे ऊपर है। किसी भी नेता या कार्यकर्ता को पार्टी की मर्यादा तोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि केवल गोरखपुर ही नहीं, बल्कि जहां भी पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता की शिकायत सामने आई है, वहां संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है।
चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी अब संगठन को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। जहां भी संगठन में कमियां हैं या कार्यकर्ताओं की तरफ से शिकायतें मिल रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। उनका कहना है कि चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं को एकजुट कर समाजवादी पार्टी चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि जनता मौजूदा सरकार से परेशान है और बदलाव चाहती है। उनके मुताबिक 2027 में सरकार बदलने के लिए जनता खुद तैयार है और समाजवादी पार्टी इसी जनभावना को लेकर आगे बढ़ रही है।
कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसान, महिलाएं और नौजवान अलग-अलग समस्याओं से जूझ रहे हैं। रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर नौजवान सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। श्याम लाल पाल ने लोकतंत्र की परिभाषा का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था का उद्देश्य समाज में सामाजिक असमानता और आर्थिक विषमता को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी जनता की समस्याओं को सुनना, उनका समाधान करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना है।
जातीय भेदभाव पर सपा का रुख साफ
जातीय और धार्मिक भेदभाव के मुद्दे पर श्याम लाल पाल ने कहा कि भारत सभी धर्मों और जातियों के लोगों का देश है। समाजवादी पार्टी की विचारधारा गरीब, शोषित, पिछड़े और वंचित वर्ग के अधिकारों की लड़ाई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गंदी मानसिकता या भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है। पार्टी सामाजिक न्याय और समानता की बात करती है और आगे भी इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। उनका कहना था कि समाज में हर वर्ग को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए।
विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी गणित
विधान परिषद चुनाव को लेकर भी सपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी को लेकर फैसला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सहमति और विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। किसी व्यक्ति को जबरदस्ती हटाने या किसी के साथ अन्याय करने की बात से उन्होंने इनकार किया। श्याम लाल पाल ने कहा कि पार्टी ने आपसी सहमति और संगठनात्मक रणनीति के आधार पर फैसला लिया है। उनका दावा है कि समाजवादी पार्टी मजबूत रणनीति के साथ चुनाव लड़ती है तो विधान परिषद में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकती है।
2027 में सरकार बदलने का दावा
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर श्याम लाल पाल ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और दूसरी समस्याओं से परेशान है। उनका कहना है कि जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका असर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि किसान, नौजवान, महिलाएं और समाज का अलग-अलग वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर परेशान है। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि 2027 में जनता बदलाव करेगी और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोगों को इंसाफ दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने का काम किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है समाजवादी पार्टी
गोरखपुर की घटना का जिक्र करते हुए श्याम लाल पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है, लेकिन संगठन में अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूरे मामले में दोषी व्यक्ति के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई कर अपना फैसला सुना दिया है। संगठन के भीतर की कार्रवाई को लेकर इससे ज्यादा टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार किया, लेकिन यह जरूर स्पष्ट किया कि पार्टी अनुशासन के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
लोकतंत्र बचाने की मुहिम का दावा
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की लड़ाई को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर किसी भी तरह का हमला देश और समाज के लिए गंभीर विषय है। श्याम लाल पाल ने इंडिया गठबंधन का भी जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन से जुड़े दल लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता खुद समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने बीच बुला रही है और पार्टी को जनता का समर्थन मिल रहा है।
संकट में जनता के साथ खड़े होने का दावा
श्याम लाल पाल ने कहा कि जब भी प्रदेश की जनता किसी संकट में होती है, समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं। उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय बड़ी संख्या में मजदूर गुजरात, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से अपने घरों की तरफ लौटने को मजबूर हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उस मुश्किल दौर में समाजवादी पार्टी ने मजदूरों और जरूरतमंद लोगों की मदद की और उनके साथ खड़ी रही। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी इसी तरह संघर्ष करती रहेगी। देखा जाए तो गोरखपुर में पार्टी के भीतर हुई मारपीट और अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई के बाद अब समाजवादी पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है। जिला कमेटी के नए गठन तक वर्तमान जिला अध्यक्ष जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। वहीं सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जनता के मुद्दों पर सरकार को घेरने की बात कही है।
अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट