नई दिल्ली : ‘साइलेंट किलर’ जैसा नाम से ही स्पष्ट है, की अगर वो किसी की हत्या भी करें तो किसी को कानों-कान खबर नहीं होगा की आखिर हत्या किसने की है। जब तक आप ये सोचेंगे की आखिर किसने इस घटना को अंजाम दिया, तब तक वह कई और दुश्मन देशों के इलाके को नेस्तानाबूत कर रहा होगा। हम बात कर रहें है भारतीय नौसेना के बेड़ा शामिल हुई ‘साइलेंट किलर’ की। जिसके भारतीय नौसेना के खेमे में शामिल होने से ही दुश्मन देशों के होश उड़ गये है। उन्हें ये समझ नहीं आ रहा कि अब वे कैसे अपने मंसूबों को अंजाम देंगे, जिसे वो नदी या समुद्र के रास्ते अंजाम देते थे।

आपको बता दें कि बुधवार को एक और ताकत भारतीय नौसेना के साथ जुड़ गई है, जिसका नाम है ‘साइलेंट किलर’। ‘साइलेंट किलर’ नाम से मशहूर INS करंज को मेक इन इंडिया कैंपेन की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। क्योंकि कलवरी क्लास की ये तीसरी सबमरीन जब अपने मिशन पर रहती है, तो कोई आवाज़ नहीं करती है। यानी ये सबमरीन दुश्मन के इलाके में होगी, उसे नेस्तानाबूद कर रही होगी, तब कोई आवाज़ नहीं आएगी।
जानकारी के मुताबिक, आईएनएस करंज की लंबाई करीब 70 मीटर की है, जबकि ऊंचाई 12 मीटर है। इस सबमरीन का वजन करीब 1600 टन का है। ये सबमरीन मिसाइल, टॉरपीडो से लैस है, साथ ही समुद्र के भीतर ही माइन्स बिछाकर दुश्मन को तबाह करने का माद्दा रखती है। आपको बता दें कि इस मेक इन इंडिया सबमरीन की ताकत ये भी है कि बिना आवाज किए हुए, बिना रडार की पकड़ में आए ये दुश्मन को नुकसान पहुंचा सकती है। यही कारण है कि लंबे वक्त तक पानी में रहकर ये सबमरीन भारती नौसेना को समुद्र में मजबूत करेगी।
Scorpene-class submarine INS Karanj commissioned into Indian Navy in Mumbai, in presence of Chief of Naval Staff Admiral Karambir Singh and Admiral (Retired) VS Shekhawat pic.twitter.com/8Sk520fhzR
— ANI (@ANI) March 10, 2021
गौरतलब है कि आईएनएस करंज एक डीजल इलेक्ट्रिक सबमरीन है। साइज के मामले में ये सबमरीन भले ही किसी न्यूक्लियर सबमरीन से छोटी है, लेकिन सबसे घातक भी है। क्योंकि छोटा साइज होने के कारण इसे समुद्र के नीचे ढूंढ पाना मुश्किल है, जो दुश्मन के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।
आपको बता दें कि इस देसी सबमरीन का नाम आईएनएस करंज है और इसके पीछे की भी अलग-अलग कहानियां हैं। करंज एक मछली का भी नाम है, जो महाराष्ट्र के क्षेत्र में काफी मशहूर है। इसके अलावा INS KARANJ के हर एक शब्द का भी अलग-अलग मतलब निकाला गया है। जिसमें शब्दों का अर्थ K – किलर इन्सटिंक्ट, A- आत्मनिर्भर, R- रेडी, A- एग्रेसिव, N- निंबल, J- जोश है।
बता दें कि आईएनएस करंज से पहले आईएनएस कलवेरी, आईएनएस खंडेरी भी भारतीय नौसेना में शामिल हो चुकी हैं। ये सभी कलवेरी क्लास की 6 सबरीमन का हिस्सा हैं, INS करंज के आने के साथ ही तीन सबमरीन नौ सेना को मिल चुकी हैं जबकि तीन अभी भी बाकी हैं।
अगर हम इसके निर्माण की बात करें तो, आईएनएस करंज को मजगांव डॉक लिमिटेड द्वारा बनाया गया है, जो कि पूरी तरह से मेक इन इंडिया मिशन के तहत बनी है। जिसमें नौसेना के इंजीनियरों ने अपना कौशल दिखाया है। आपको बता दें कि इस सबमरीन की थीम ‘नित्य निर्घोष और निर्भीक’ है।