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क्षेत्र के विकास के लिए पीएम मोदी का बड़ा फैसला, सांसदों को फिर से मिलेगा पैसा, जानिए कितनी होगी रकम

Big decision of PM Modi for the development of the region; किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए पीएम मोदी का बड़ा फैसला। सांसदों को फिर से मिलेगा पैसा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी जानकारी।

By: Amit ranjan 
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क्षेत्र के विकास के लिए पीएम मोदी का बड़ा फैसला, सांसदों को फिर से मिलेगा पैसा, जानिए कितनी होगी रकम

नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने एक बार फिर एमपीलैड स्कीम(MPLADS Scheme) को शुरू करने का फैसला किया है। सरकार के इस निर्णय की जानकारी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कै दौरान दी। उन्होंने कहा कि अब अर्थव्यस्था सही चल रही है, इसलिए एमपीलैड स्कीम फिर से शुरू की गई है‌।

आपको बता दें कि सरकार ने ये फैसला आज की कैबिनेट बैठक में लिया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज कैबिनेट और सीसीईए की बैठक हुई. एमपीलैड स्कीम(2020-21) के धन का उपयोग कोविड से लड़ने कए लिए किया गया था। अब एमपीलैड स्कीम फिर से शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के कार्यों के लिए  फिर से सांसदों को धन मिलना शुरू हो जाएगा। इस साल ये रकम 2-2 करोड़ होगी। अगले साल से 5-5 करोड़ दिया जाएगा।

 

बता दें कि एमपीलैड स्कीम के तहत सांसदों को मिलने वाला धन जरूरतों के आधार पर संशोधित किया जाता है। कोरोना काल में सरकार ने इस स्कीम पर रोक लगा दी थी। सरकारा ने बताया था कि MPLAD योजना से बचाई गई धनराशि का उपयोग स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए धन के आवंटन को बढ़ाने, पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन प्रदान करने और लोगों के लिए मुफ्त टीकाकरण के लिए किया गया है।

बैठक में लिए गए ये फैसले

इसके अलावा सरकार ने बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया, मंत्रिमंडल ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के तहत पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियों द्वारा इथेनॉल की खरीद के लिए तंत्र को मंजूरी दी है। C हैवी शीरे से इथेनॉल की कीमत बढ़कर 46.66 रुपये प्रति लीटर हो गई है। जबकि B हैवी गुड़ से बढ़कर 59.08 रुपये प्रति लीटर हो गया।

उन्होंने यह भी बताया कि 100 प्रतिशत अनाज और 20 प्रतिशत चीनी जूट बैग में पैक होगी क्योंकि कैबिनेट ने जूट पैकेजिंग मटीरियल को साल 2021-22 के लिए जूट पैकेजिंग एक्ट 1987 के तहत मंजूरी दे दी है। जूट मिलों और सहायक इकाइयों में 3,70,000 श्रमिकों को राहत देने के लिए कदम उठाया गया है।

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